Wednesday, January 27, 2016

10 किस्में मेरे फेसबुक मित्रों की

1. जिनसे खून का रिश्ता है
2. जिनसे रिश्तेदारी है
3. जो मेरे साथ कहीं भी पढ़े हैं अथवा मुझसे पढ़े हैं,या फिर मैं उनसे पढ़ा हूँ
4. जिन्होंने मेरे साथ कहीं भी नौकरी की है
5. वे साहित्यकार/कवि जिनकी रचनाएँ मैं पसंद करता हूँ
6. वे पाठक जो मेरा लिखा हुआ पसंद करते हैं
7. वे मित्रों के मित्र जिनके काम/गतिविधियाँ मैंने पसंद किये हैं
8. वे लोग जिन्होंने मेरे कार्य/विचार/गतिविधियाँ पसंद की हैं
9. वे लोग जिन्होंने मेरी तस्वीर देख कर ही मित्रता-सन्देश भेजा है
और
10. बहुत थोड़े से वे भी, जिनकी छवि देख कर मैंने...मुझे नहीं पता कि वे कहाँ रहते हैं, क्या करते हैं, उनकी उम्र क्या है, या "वे" वास्तव में वे हैं भी जो दिख रहे हैं,केवल उनकी छवि मेरी मित्र है।  [ग़ालिब को याद करते हुए-"हमको मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन, दिल के बहलाने को ग़ालिब ये ख़याल अच्छा है"]          

Wednesday, January 6, 2016

10 बातें जो बहुत ऊबने पर मन में आती हैं

 १. यदि खड़े हैं तो बैठ जाएँ, बैठे हैं तो लेट जाएँ, लेटे हैं तो खड़े हो जाएँ।
२. कुछ खाएं।
३. किसी भी दिन का पुराना अख़बार उठा कर पलटें।
४. आइने के सामने आ जाएँ।
५. किसी मित्र को फोन करें।
६. किसी भी स्रोत से पानी को देखें।
७. कैलेंडर उठा कर किसी भी बीते दिन पर नज़र गढ़ा दें और सोचें कि  उस दिन क्या हुआ था?
८. सोचें कि ऊबने से ठीक पहले आप क्या कर रहे थे।
९. अपने कपड़ों में जो भी सबसे पुराना पाएं, उसे किसी को दे देने की सोचें।
१०. हथेलियों से आँखों को मलें।     

Friday, January 1, 2016

वर्ष 2016 से वांछित 10 बातें [केवल अपने लिए]

१. इस साल भारत के वे राज्य घूमने को मिलें, जो अब तक देखने से रह गए हैं-त्रिपुरा,मणिपुर,अरुणाचल प्रदेश,मिज़ोरम और नागालैंड
२. मेरा उपन्यास "हलक में लहरें" पूरा होकर प्रकाशित हो
३. अपने उन कुछ मित्रों का एक सम्मलेन आयोजित किया जा सके जो मानस को प्रभावित करते रहे हैं
४. किसी अनजान गाँव में कुछ दिन रह कर अपना उपन्यास पूरा करने का अवसर मिले
५. किसी अख़बार या पत्रिका में संस्मरणात्मक कॉलम लिखने की चाहत पूरी हो
६. समाज के लिए ज़रूरी कुछ विषयों पर युवा-व्याख्याताओं को प्रशिक्षित करने का काम पूरा हो
७. कुछ लोगों को दिल से सम्मानित करने की चाहत
८. धार्मिक स्थलों पर अव्यवस्थित जीवन बिता रहे संन्यासियों पर शोध पुस्तक युवाओं के माध्यम से तैयार करवाने का काम पूरा हो
९. राजनैतिक दलों की "विचारधारा" ढूंढने के लिए युवाओं का प्रशिक्षण दल तैयार करना, और उन पर लघु-पुस्तिकाएं तैयार करवाने का काम
१०. एक ऐसी मित्र मण्डली तैयार करना जिसमें इसी वर्ष परिचय में आये लोग शामिल हों      

Wednesday, December 9, 2015

मेरी 10 अच्छी आदतें

१. मुझे हमेशा निष्पक्ष रहना पसंद है। 
२. मुझे सफाई अच्छी लगती है। 
३. मैं किसी की कमी उसके सामने कहना पसंद करता हूँ। 
४. मैं किसी से मिलते ही अपनेपन से पेश आना पसंद करता हूँ। 
५. मुझे न उधार लेना पसंद है न देना।
६. मुझे अपनी ज़रूरतें न्यूनतम रखना अच्छा लगता है.
७. मैं किसी व्यक्ति/स्थान/वस्तु को खो देने के बाद ज़्यादा याद नहीं करता.
८. मैं किसी भी स्थिति में रहने के लिए अपने को तैयार पाता हूँ.
९. मुझे भीड़/साथ/अकेलेपन में कोई असुविधा नहीं होती.
१०. मैं अपना हित हर हाल में सोच लेता हूँ.  

Sunday, November 22, 2015

मेरी 10 सबसे पसंदीदा अपनी कहानियाँ

१. मलबे के ढेर पर
२. अंकल का मज़ाक
३. सीरिया का बटुआ
४. अन्त्यास्त
५. इतिहास भक्षी
६. धूप
७. खाली हाथ वाली अम्मा
८. थोड़ी देर और ठहर
९. चिड़िया अपनी शर्तों पर झंझावात चाहती थी
१०. गोर्की देव का मुरब्बा   

Saturday, November 21, 2015

मेरी 10 ख़राब आदतें

१. मैं उम्र का लिहाज़ नहीं कर पाता, कई बार वरिष्ठों की बात भी नज़रअंदाज़ कर जाता हूँ, कभी छोटों को भी पूरी गंभीरता से ले लेता हूँ।
२. मैं लेन-देन में संतुलित नहीं हूँ,किसी के लिए उससे कुछ पाये बिना, केवल कुछ करके भी संतोष मिल जाता है, तो किसी से कुछ पाकर भी उसके प्रति सहानुभूति नहीं जागती।
३.नए से ज़्यादा पुराने कपड़े आरामदायक लगते हैं। कई बार मेरे नए कपड़े वर्षों तक बिना पहने रखे रह जाते हैं।   
४. महिलाओं को बहुत ज़्यादा सम्मान देने का कायल हूँ [मेरे एक वरिष्ठ अधिकारी कहा करते थे कि ये महिलाओं की क्षमताओं को कम आँकने की प्रवृत्ति है]
५. लोगों के गुणों की अपेक्षा उनके व्यक्तित्व [शारीरिक सौंदर्य] से ज़्यादा प्रभावित हो जाता हूँ।
६.नए लोगों से मिलना, नए काम शुरू करना, नयी बातें सोचना ज़्यादा सुहाता है। पुरानों से निभाने में कच्चा हूँ।क्रिकेट की भाषा में कहूँ तो "ओपनिंग" पर खेलना भाता है।
७. उधार लेने या देने में विश्वास नहीं है।  ले तो फिर भी लेता हूँ, क्योंकि लौटाने के प्रति दृढ़ता से सजग रहता हूँ।  पर किसी को उधार देने में संकोच होता है।
८. गंदगी की मेरी परिभाषा अनोखी है, कई ऐसी चीज़ों से भी घृणा होती है जिन्हें दूसरे लोग आसानी से सह लेते हैं, कई ऐसी चीज़ों को सामान्य मान लेता हूँ, दूसरे जिनसे परहेज़ करते हैं।
९. किसी के प्रति मन में ही सोच कर धारणा बना लेता हूँ। कई बार ऐसी धारणा बाद में निर्मूल साबित हुई है।
 १०.जोखिम के काम अच्छे नहीं लगते,स्वार्थी भी हूँ।                    

Tuesday, November 3, 2015

मेरी पसंद की 10 सर्वश्रेष्ठ किताबें [ हिंदी ]

१. गोदान
२. महासमर
३. अनामदास का पोथा
४. गुनाहों का देवता
५. इदन्नमम
६. आधा गाँव
७. सूरजमुखी अँधेरे के
८. गोली
९. मांस का दरिया
१०. शेषप्रश्न